पहले अतिवृष्टि ने फसलें चौपट की। अब कोरोना वायरस के कहर के चलते फसल कटाई और उसे मंडी तक पहुंचाने का संकट किसान के माथे खड़ा है। कोरोना वायरस के खतरे के बीच किसानों की फसल कटाई की मजबूरी भी है। फसल खेत में तैयार खड़ी है। ऐसे में कृषि विभाग ने अब फसल कटाई के संबंध में भी दिशा निर्देश जारी किए हैं। किसानों से कहा गया है कि जहां तक संभव हो सके स्वचालित मशीनों के जरिए ही फसल कटाई की जाए। इसके अलावा हाथों से फसल कटाई के उपकरण काम में भी लिए जाते हैं तो दिन में कम से कम 3 बार साबुन के पानी से उन्हें कीटाणु रहित करें।
हालांकि इसमें समस्या यह है कि फसल कटाई के लिए ज्यादातर थ्रेसर मशीनें राजस्थान में पंजाब के जरिए ही आती है। लॉक डाउन के चलते सभी राज्यों की सीमाएं भी सील कर दी गई हैं। इसके साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि फसल कटाई के समय यह ध्यान रखा जाए कि सोशल डिस्टेंसिंग की सख्ती से पालना की जाए। खेत में फसल कटाते समय एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच 5 मीटर की दूरी बनाई जाए। खाने के बर्तन अलग-अलग हों और खाना खाने के बाद बर्तनों को साबुन के पानी से अच्छी तरह साफ किया जाए। एक व्यक्ति द्वारा काम में लिया गया उपकरण दूसरा व्यक्ति हरगिज काम में नहीं ले। कटाई अपने-अपने उपकरणों से ही की जाए। कटाई की अवधि में पहले दिन के पहने कपड़े दूसरे दिन काम में नहीं लें।